पशु विज्ञान केंद्र में बकरी पालन एवं प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर का समापन, विजेताओं को मिले पुरस्कार
30 पशुपालकों ने लिया प्रशिक्षण, वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन और आय बढ़ाने की दी गई जानकारी
विजेताओं को पुरस्कार देते हुए
झुंझुनूं, 24 अक्टूबर। पशु विज्ञान केंद्र, झुंझुनूं में प्रसार शिक्षा निदेशालय, रुवास (जोबनेर), जयपुर तथा उपनिदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा) के संयुक्त तत्वावधान में अनुसूचित जाति वर्ग के पशुपालकों के लिए आयोजित दो दिवसीय ‘बकरी पालन एवं प्रबंधन’ प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हुआ। शिविर में क्षेत्र के 30 प्रगतिशील पशुपालकों ने भाग लिया।
समापन सत्र में केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. अरविन्द कुमार ने बकरियों में होने वाले प्रमुख स्वास्थ्य एवं प्रजनन संबंधी रोगों, उनके कारण, बचाव और वैज्ञानिक उपचार की जानकारी दी। उन्होंने पशुपालकों को बकरी पालन से अधिक लाभ अर्जित करने के लिए प्रभावी विपणन एवं बिक्री रणनीतियों के बारे में भी बताया।
केंद्र के डॉ. उमेश कुमार चौधरी ने कुशल फार्म प्रबंधन और पशुओं का नियमित रिकॉर्ड रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड कीपिंग से पशुओं के स्वास्थ्य एवं दूध उत्पादन की निगरानी करने में मदद मिलती है। साथ ही, उन्होंने पशुपालकों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण के अंतिम चरण में पशुपालकों के ज्ञान का आकलन करने के लिए प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें प्रथम स्थान पर अभिषेक बरवड़, द्वितीय स्थान पर सुप्यार देवी तथा तृतीय स्थान पर जगनलाल माहिच रहे। कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. संध्या कुमारी ढाका ने विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर केंद्र के दिलीप सिंह एवं सुमित पुरी भी उपस्थित रहे। दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर से पशुपालकों को बकरी पालन की वैज्ञानिक तकनीकों, बेहतर फार्म प्रबंधन और आय बढ़ाने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी मिली।
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